सुदर्शन

भारतीय संस्कृति में हास्य व्यंग्य की जड़ें

भारतीय संस्कृति में हास्य व्यंग्य की जड़ें

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चाट का ठेला

चाट का ठेला

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मेले में चलते फिरते नजर आयें – दशहरा स्पेशल (व्यंग्य/कार्टून)

मेले में चलते फिरते नजर आयें – दशहरा स्पेशल (व्यंग्य/कार्टून)

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वैलेंटाइन डे स्पेशल

वैलेंटाइन डे स्पेशल

आदरणीया ममता जी, . सादर प्रणाम, आगे समाचार यह है कि ‘देखिये बुरा मत मानियेगा’  कंबख्त वैलेंटाइन डे साला फिर आ गया । पिछले साल आपने जो हड़काया था मुझे खूब याद है । पर एक साल के अन्दर मुझे आपके अन्दर काफी बदलाव नजर आया है । आपने पिछले छः महीने से मुझे देखकर […]

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कुछ मीठा हो जाये ।

कुछ मीठा हो जाये ।

प्रस्तुत है “उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद” के प्रांगण में हाथ से बनी मूर्तियों के चित्र ।        

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प्रेम का रसायनशास्त्र

प्रेम का रसायनशास्त्र

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जग बौराना : शहीदों के कफनखसोट

जग बौराना : शहीदों के कफनखसोट

लेखक: श्री नरेश मिश्र साधो, ताली बजा कर इस सीनरी का स्वागत करो । देश के विकास का सब्जबाग दिखाने वाली कांग्रेस ने जनता के सामने मुखौटा हटा कर अपनी असली शक्ल दिखा दी । मैडम सोनिया गांधी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को मौत का सौदागर कहा था तो सारे कांग्रेसी चारण उनके […]

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जग बौराना : विधवा रोवे सेर सेर…….

जग बौराना : विधवा रोवे सेर सेर…….

लेखक: श्री नरेश मिश्र . कांग्रेस के चुनाव का एक माहौल जाना माना है । कांग्रेस जब चुनाव हारती है तो एक सिर का बलिदान मांगती है । गुजरात मे नगरमहापलिका से पंचायत चुनाव तक कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया । बलि का बकरा बनने के लिये सिद्धार्थ पटेल को आगे आना पड़ा । […]

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जग बौराना: लिव इन रिलेशन के सदके

जग बौराना: लिव इन रिलेशन के सदके

लेखक: श्री नरेश मिश्र साधो, सुप्रीम कोर्ट में नारी शक्ति की बिजली चमकी । हमारी आंखें डर के मारे बन्द हो गयीं । गनीमत हुयी कि हम अंधे नहीं हुये । आंखों की रोशनी चली जाती तो हम बुढ़ापे में ठोकर खाते । हमें कौन सहारा देता । हमारी नारी बेचारी तो हमारा साथ छोड़कर […]

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जग बौराना : लज्जा नहीं आयी ।

जग बौराना : लज्जा नहीं आयी ।

लेखक: श्री नरेश मिश्र सेठ की शामत आयी थी जो उसने पितृपक्ष में । मथुरा के चौबे को भोजन के लिये बुला लिया । सेठ  का राहूकाल चल रहा होगा । चौब जी आये । सेठानी ने अपनी समझ से आदमियों के लिये भोजन का प्रबंध किया था । चौबे जी सब कुछ डकार गये […]

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पुष्पक विमान (हास्य नाटक)

पुष्पक विमान (हास्य नाटक)

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जग बौराना:    सियार और मौलाना मुलायम सिंह

जग बौराना: सियार और मौलाना मुलायम सिंह

लेखक – नरेश मिश्र जंगल में एक शेर और सियार रहते थे । सियार शेर के शिकार का बचा खुचा हिस्सा खा कर खूब मोटा तगड़ा हो गया था । उसकी जवानी बुलन्दी पर थी । एक दिन उसे शेर दिखायी दिया । वह भरपेट शिकार खा कर अपनी गुफा में सोने जा रहा था […]

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हम संतन से का मतलब !

हम संतन से का मतलब !

लेखक – नरेश मिश्र पांच दस नम्बरी, महापापी थे । अपराध करने से जी अघा गया । पुलिस के डंडे ने पीठ से साक्षात्कार किया, बुढ़ापा दस्तक देने लगा तो पांचों पापी गेरूआ वस्त्र पहन कर संत बन गये । तीर्थयात्रा को निकले ये संत एक गांव से गुजर रहे थे तो गांववालों की आवाज […]

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जग बौराना –  कश्मीर में यूपीए का सिजदा

जग बौराना – कश्मीर में यूपीए का सिजदा

लेखक – नरेश मिश्र जवानी में एक अंग्रेजी साइलेन्ट फिल्म देखी थी । उसके मुख्य पात्र दो ऐसे हास्य अभिनेता थे जिनकी लम्बी हैट, तलवारनुमा मूंछे और चपल आंखे देख कर हंसी का फौव्वारा छूट पड़ता था । दोनों बेहद बेवकूफ लेकिन खुद को हर धन्धे में माहिर मानते थे । दोनों ने घड़ीसाज की […]

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भारतीय संस्कृति में हास्य व्यंग्य की जड़ें

भारतीय संस्कृति में हास्य व्यंग्य की जड़ें

लेखक – श्री नरेश मिश्र हास्य व्यंग्य का मूल स्रोत हमारी हजारों बरस पुरानी संस्कृति, सभ्यता और जीवन दर्शन में देखा जा सकता है । भारतीय संस्कृति में मृत्यु, भय और दु:ख का कोई खास वजूद नहीं है । हमारे दार्शनिकों ने जिस ब्रह्म की अवधारणा को समाज के सामने रखा वह सत् चित् के […]

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ट्रैक्टर की सवारी ।

ट्रैक्टर की सवारी ।

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क्या आप बोर हो रहे हैं ?

क्या आप बोर हो रहे हैं ?

मेरा अच्छे से अच्छा मित्र भी दो मिनट बाद दरवाजे की तरफ देखने लगता है जब मैं उसको अपनी ताजी व्यंग्य रचना सुनाने बैठता हूँ या फिर वह मेज के नीचे से अखबार निकाल कर पढ़ने लगेगा या फिर पास बैठे भाई से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछने लगेगा । मैं उसका ध्यान अपनी […]

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मैडम का कुत्ता । व्यंग/कार्टून

मैडम का कुत्ता । व्यंग/कार्टून

मैडम ने एक बड़ा ही धाकड़, खुंखार, कटखना, नया कुत्ता खरीदा है मगर नाम को लेकर परेशान हैं । टाईगर, शेरू, पैंथर जैसे नाम वो नहीं रखना चाहती हैं । उनको नये जमाने का खुंखार नाम चाहिये । मैं तो कहता हूं इसकी स्वामिभक्ति को देखते हुये सी.बी.आई. नाम बिल्कुल ठीक रहेगा ।=V <=

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