दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिका

चीनी सामान के बहिष्कार से जुड़ती देशभक्ति-हिन्दी संपादकीय

चीनी सामान के बहिष्कार से जुड़ती देशभक्ति-हिन्दी संपादकीय

                                                            चीन भारत के प्रति शत्रुभाव रखता है यह सर्वविदित है और हम तो उसके भारत के उपभोक्ता बाज़ार में खुले प्रवेश पर पहले भी सवाल […]

Continue reading
मनोरंजन से अध्यात्मिक शांति बेचने का प्रयास-हिन्दी लेख

मनोरंजन से अध्यात्मिक शांति बेचने का प्रयास-हिन्दी लेख

                 पूरे विश्व में प्रचार माध्यमों के बीच हर प्रकार के दर्शक और श्रोता को प्रभावित करने की होड़ चल पड़ी है। मनोरंजन के नाम पर अनेक तरह के कार्यक्रम आते हैं पर अब तो भक्ति पर भी व्यवसायिक कार्यक्रम बनने लगे हैं। प्रातःकाल टीवी तथा रेडियो पर […]

Continue reading

                                   शेयर बाज़ार अतिधनवान लोगों को व्यस्त रखता है। इससे जनमानस के लिये आवश्यक वस्तुओं सहज सुलभ रहती है हालांकि वायदा बाज़ार के माध्यम से धनवान लोग वहां भी अपनी कला दिखाते हैं।  आम इंसान शेयर बाज़ार को एक ऐसे खेल मैदान की तरह देखता है जहां उसका प्रवेश वर्जित है।  धनवान लोग वहां हारते […]

Continue reading
इंटरनेट पर हिन्दी लाने के लिये लेखकों को प्रोत्साहन की जरूररत-हिन्दी दिवस और विश्व हिन्दी सम्मेलन पर नया पाठ

इंटरनेट पर हिन्दी लाने के लिये लेखकों को प्रोत्साहन की जरूररत-हिन्दी दिवस और विश्व हिन्दी सम्मेलन पर नया पाठ

         इस समय हमारे देश में अंतर्जाल के विषय पर अनेक चर्चायों हो रही हैं।  सभी जानते हैं कि इस समय देश में डिजिटल इंडिया सप्ताह चल रहा है तो हमारे जैसे सामान्य स्वतंत्र लेखक प्रयोक्ताओं के लिये चिंत्तन का समय भी है।  आज से आठ वर्ष पूर्व जब अंतर्जाल पर हमने […]

Continue reading
शेयर बाज़ार ढहने से देश नहीं ढहता-हिन्दी लेख

शेयर बाज़ार ढहने से देश नहीं ढहता-हिन्दी लेख

                                   शेयर बाज़ार अतिधनवान लोगों को व्यस्त रखता है। इससे जनमानस के लिये आवश्यक वस्तुओं सहज सुलभ रहती है हालांकि वायदा बाज़ार के माध्यम से धनवान लोग वहां भी अपनी कला दिखाते हैं।  आम इंसान शेयर बाज़ार को एक ऐसे खेल मैदान की तरह देखता है जहां उसका प्रवेश वर्जित है।  धनवान लोग वहां हारते […]

Continue reading
बांग्लादेश में ब्लागर की हत्या चिंता का विषय-हिन्दी चिंत्तन लेख

बांग्लादेश में ब्लागर की हत्या चिंता का विषय-हिन्दी चिंत्तन लेख

                  बांग्लादेश में एक हिन्दू ब्लॉग लेखक की हत्या कर दी गयी है। हत्या करने वाले वहीं के वह चरमपंथी हैं जो हिन्दुओं को अपना दुश्मन मानते हैं। हिन्दू ब्लॉगर वहां के इन्हीं चरमपंथियों के विरुद्ध लिखता था।  बांग्लादेश में वह चौथा ब्लॉग लेखक है जिसे मारा […]

Continue reading
इंद्रियों पर नियंत्रण रखने वाला ही गुरु-गुरु पूर्णिमा पर नया हिन्दी पाठ

इंद्रियों पर नियंत्रण रखने वाला ही गुरु-गुरु पूर्णिमा पर नया हिन्दी पाठ

                    आज 31 जुलाई 2015 गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है। किसी भी मनुष्य के लिये अध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिये अपनी  इंद्रियों को निरंतर सक्रिय रखना पड़ता है।  उसे दर्शन, श्रवण अध्ययन, चिंत्तन और मनन के साथ ही अनुसंधान कर इस संसार के भौतिक तथा अध्यात्मिक दोनों तत्वों […]

Continue reading
समाज की समस्याओं के मूल तत्व जानना जरूरी-हिन्दी चिंत्तन लेख

समाज की समस्याओं के मूल तत्व जानना जरूरी-हिन्दी चिंत्तन लेख

                                                आज के समाज का संकट के सामने क्यों खड़ा है इस पर कोई शोध नहीं करता। हर कोई अपना बखान कर रहा है पर सार्थक चर्चा नहीं हो्र पाती। बहुत समय पहले एक […]

Continue reading
खेल और बेईमानी-हिन्दी व्यंग्य कविता

खेल और बेईमानी-हिन्दी व्यंग्य कविता

कमीज पर लगे दाग मिटाने के लिये  रोज नया रंग लगाते हैं। चरित्र पर लगे दाग छिपाने के लिये चाल का ढंग बदल आते हैं। कहें दीपक बापू अपनी आदत से लाचार होते चालाक लोग हालातों के हिसाब से कभी दिखाते स्वयं को नायक कभी आम इंसान के रूप में भीड़ के संग बदल जाते […]

Continue reading
आर्थिक सामाजिक तथा धार्मिक क्षेत्र में स्वेदशी सिद्धांत ही अपनाना बेहतर-हिन्दी चिंत्तन लेख

आर्थिक सामाजिक तथा धार्मिक क्षेत्र में स्वेदशी सिद्धांत ही अपनाना बेहतर-हिन्दी चिंत्तन लेख

                              विश्व में अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं के दबाव में जब से कथित उदारीकरण का दौर प्रारंभ हुआ है तब से अनेक देशों पर जनकल्याण कार्यों से दूर हटने का दबाव बढ़ गया है। ग्रीस यानि यूनान यानि दुनियां की प्राचीन सभ्यताओं में […]

Continue reading
नालंदा से समझने का प्रयास करें-हिन्दी चिंत्तन लेख

नालंदा से समझने का प्रयास करें-हिन्दी चिंत्तन लेख

                              नालंदा में एक विद्यालय के छात्रावास से लापता दो छात्रों के शव एक तालाब में मिलने के बाद उग्र भीड़ ने निदेशक को पीट पीट कर मार डाला। बाद में छात्रों की मृत्यु पाश्च जांच क्रिया से पता चला कि बच्चों […]

Continue reading
योग साधना करते समय दृढ़ संकल्प धारण करें-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

योग साधना करते समय दृढ़ संकल्प धारण करें-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

                                                              21 जून 2015 विश्व योग दिवस पर भारत में ओम के जाप तथा सूर्यनमस्कार को लेकर चल रही बहस थम चुकी है।  भारतीय अध्यात्मिक विचाराधारा से […]

Continue reading
योग साधकों के लिये श्रीमद्भागवत गीता का अध्ययन जरूरी-21  जून  विश्व योग दिवस पर विशेष लेख

योग साधकों के लिये श्रीमद्भागवत गीता का अध्ययन जरूरी-21 जून विश्व योग दिवस पर विशेष लेख

     21 जून को पूरे विश्व में योग दिवस मनाया जा रहा है। भारतीय योग साधना का आधार  ग्रंथ पंतजलि साहित्य हैं। इसमें योग के आठ भागों का संक्षिप्त पर पूर्ण वर्णन है। मूलतः पतंजलि योग सूत्र एकांत में साधना के लिये ही हैं।  एक योगी प्रातः धर्मभाव से साधना करने के बाद अर्थ, […]

Continue reading
राजसी पुरुष सुशासन से ही धर्म की रक्षा कर सकते हैं-हिन्दी चिंत्तन लेख

राजसी पुरुष सुशासन से ही धर्म की रक्षा कर सकते हैं-हिन्दी चिंत्तन लेख

            इस समय भारत के कुछ धार्मिक ठेकेदार अपने समूहों को प्रसन्न करने के लिये बेतुके बयान दे रहे हैं पर हम यहां केवल भारतीय धर्म से संबद्ध लोगों की बात करें।  हमारे अध्यात्मिक दर्शन के अनुसार ज्ञानी को देशकाल, समय, क्षेत्र तथा समाज की वर्तमान स्थिति देखकर अपना विचार व्यक्त करना चाहिये। जो ऐसा […]

Continue reading
सपनों का बाज़ार-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

सपनों का बाज़ार-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

शांति के लिये कबूतर उड़ाते विकास के लिये सपनों का बाज़ार लगाते हैं। सोते हैं आरामदायक बिस्तर पर बेघरों के लिये चिंत्तन करते अपने महल दर्शनीय बनाते है। कहें दीपक बापू जनहित पर समाज सेवकों की सेना चली आ रही है, प्रजा शब्दों से ही छली जा रही है, सभी अपने इष्ट का रूप बताते […]

Continue reading
धर्म की पहचान बनाने और बचाने का प्रयास राजनीतक ही होता है-हिन्दी चिंत्तन लेख

धर्म की पहचान बनाने और बचाने का प्रयास राजनीतक ही होता है-हिन्दी चिंत्तन लेख

            फ्रांस के पेरिस में लगातार आतंकवादी हमलों से वहां के वातावरण जो भावनात्मक विष मिश्रित हो रहा है उसे कोई समझ नहीं पा रहा है।  ऐसा लगता है कि विश्व में मध्य एशिया से निर्यातित आतंकवाद के मूल तत्व को कोई समझ नहीं पा रहा है। हमारे देश में कथित रूप से जो सर्व […]

Continue reading
समाधि से दूसरे की देह में प्रवेश का भ्रम-हिन्दी चिंत्तन लेख

समाधि से दूसरे की देह में प्रवेश का भ्रम-हिन्दी चिंत्तन लेख

            अक्सर हम दूसरे लोगों के मन में चल रहे विचारों का अनुमान नहीं कर पाते।  अनेक लोगों की कथनी और करनी में इतना अंतर रहता है कि हमें पता चला जाता है कि उनसे किसी प्रकार की अपेक्षा करना व्यर्थ है मगर कुछ लोग बहुत चतुर होते हैं वह अपने भविष्य के कर्म का […]

Continue reading
अज्ञानी के सामने ज्ञान बघारना ठीक नहीं-हिन्दी चिंत्तन लेख

अज्ञानी के सामने ज्ञान बघारना ठीक नहीं-हिन्दी चिंत्तन लेख

            यह आश्चर्य की बात है कि संसार के जितने भी कथित धर्म हैं उनसे जुड़े प्राचीन ग्रंथों के प्रचारक लोगों के बीच ज्ञान इस तरह बेचते हैं जैसे कि धर्म का ज्ञान कोई बाज़ार में बेचने का विषय या वस्तु हो।  हम अगर भारतीय अध्यात्म दर्शन की बात करें तो उसमें ज्ञानी से आशय […]

Continue reading
समाधि से दूसरे के शरीर में प्रवेश की धारणा का प्रचार गलत-हिंदी लेख

समाधि से दूसरे के शरीर में प्रवेश की धारणा का प्रचार गलत-हिंदी लेख

            हमारे यहां आजकल एक कथित संत की समाधि पर चर्चा चल रही है। इन संत को पहले रुगणावस्था में चिकित्सकों के पास ले जाया गया जहां उनको मृत घोषित कर दिया।  उनके पास अकूत संपत्ति है जिस पर उनके ही कुछ लोगों की दृष्टि है इसलिये कथित भारतीय अध्यात्मिक दर्शन की आड़ में उन […]

Continue reading
काला और सफेद धन-हिन्दी कविता

काला और सफेद धन-हिन्दी कविता

 धन ने भी कर लिये अपने दो रूप काला और सफेद। पीछे दौड़े हर इंसान गले लगाता सभी को राक्षस और देवता का करता नहीं कभी भेद। बन गया जो सेठ कर लेता सभी को मुट्ठी में नहीं देखता ज़माना उसके चरित्र में छेद। कहें दीपक बापू भगवान नाम का स्मरण बहुत बड़ी कमाई मानी […]

Continue reading