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मेरे बिखरे हुए एहसास ये हालात तो देखो

मेरे बिखरे हुए एहसास ये हालात तो देखो

मेरे बिखरे हुए एहसास ये हालात तो देखो, गिरे खंजर पे जाकर फिर मेरे जज्बात तो देखो।    उठा कर ले गए वो थे मेरे सम्मान के टुकड़े,  रही आँखों से होती बे-हिसां  बरसात तो देखो।  नहीं बुझती मेरी सांसें ज़हर पी-पी के ज़िन्दा हैं, गुजरते बेखुदी में क्यों मेरे दिन-रात तो देखो।  मेरे इखित्यार […]

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रेत का दरिया है साहिल रेत का, डूबा पैमानों में मन्ज़िल रेत का। निकलीं आँखों की उमींदे बेवफा,  ढाल-तलवारों का कातिल रेत का।    ओढ़कर सोता रहा जो उम्र भर, आस्ती का सांप कम्बल रेत का।     पैरहन मेरा कफ़न बन जायेगा, जिस्म से लिपटा है मलमल रेत का। दोस्तों तबियत ना पूछो आज तुम, […]

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मुझे हालात की आंधी उड़ा ले जाएगी

मुझे हालात की आंधी उड़ा ले जाएगी

मुझे हालात की आंधी उड़ा ले जाएगी, नहीं मालूम है जाने कहाँ ले जाएगी। पड़ी हैं हाशिये पे मेरी किस्मत ज़िन्दगी, लिखावट आंसुओं में वो बहा ले जाएगी। सुना कुछ लोग कहते हैं मुहब्बत रोग है, बचा इस मर्ज से हमको दुआ ले जाए ख़ुशी तुमको मिले तो फूंक दे हस्ती मेरी, बची मासूमियत आबो-हवा ले […]

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तुम मिले तो लगा ख्वाव मेरे हु

तुम मिले तो लगा ख्वाव मेरे हु

तुम मिले तो लगा ख्वाव मेरे हुए,  तेरे जाते ही आधे-अधूरे  हुए। ———————————- तुम मिले तो लगा ख्वाव पूरे हुए,  तेरे जाते ही आधे-अधूरे  हुए। नीद भी ले गए चैन भी ले गए,  करवटों में ही काफिर सवेरे हुए।    ढूंढते ही रहे  नक़्शे-पां उम्र भर , हम ना तेरे हुए तुम ना मेरे हुए। दूसरों से भला क्या शिकायत करें, रौशनी […]

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मुझे  बेरुखी  तल्खियां  मिल  रहीं  हैं

मुझे बेरुखी तल्खियां मिल रहीं हैं

मुझे  बेरुखी  तल्खियां  मिल  रहीं  हैं, मगर इल्म की खिड़कियां खुल रहीं हैं।  मैं गिन-गिन के लूंगा ज़माने से बदला, अभी तो मेरी उँगलियाँ  छिल रहीं हैं।  मेरी चाहतों को वो समझेंगे  इक-दिन, अभी तो उन्हें सुर्खियां मिल रहीं हैं।  चिरागों को रौशन रखेंगे हमेंशा, भले गर्दिशी आंधियां चल रही हैं।  बदलना तो है रुख […]

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बनके खुश्बू हवा में रहते हैं

बनके खुश्बू हवा में रहते हैं

बनके खुश्बू हवा में रहते हैं, हम तेरे दिल दुआ में रहते हैं।    है हमें नाज़ अपनी फितरत पे, स्वाद बनके जुबां पे रहते हैं।   तेरी आँखों की पुतलियों में भी, धड़कनों में सदा में रहते हैं।    रंग फूलों के हुनर जैसा हूँ, ताज़गी से फ़िजा में रहते हैं।    आप पहचानते […]

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सुलगते  हैं अगर हालात लानत हुक़्मरानों  पर

सुलगते हैं अगर हालात लानत हुक़्मरानों पर

सुलगते  हैं अगर हालात लानत हुक़्मरानों  पर                                                     बिकेंगे कब  तलक ईमान कचरे की दुकानों पर।  अदालत बेगुनाहों को सज़ा कब तक सुनाएगी, दलाली कर रहे हैं वो जो बैठे हैं मचानो पर।  […]

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मन वीणा के तार शारदे,

मन वीणा के तार शारदे,

मन वीणा के तार शारदे, करदे स्वर श्रृंगार शारदे॥  शब्द-छंद हो जाएँ अलंकृति, भावों के संकल्प हो झंकृति, मेरी कल्पना मनुज ह्रदय में, भर दे अपना प्यार शारदे॥ संकल्पों में भागीरथ बल हो, तेरी कृपा का शुभ संबल हो, निर्मल करदे जन-मानस को, बहे  गंग जल धार शारदे॥   ज्ञान पुंज नूतन उमंग दो, कण-कण […]

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फिर भी ‘अनुराग’ खिलता रहेगा। 

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कल्पनाओं का इतना सृजन कर लिया

कल्पनाओं का इतना सृजन कर लिया

कल्पनाओं का इतना सृजन कर लिया, वेदना को ह्रदय में दमन कर लिया।  आवरण धीरे-धीरे उतर जायेंगे, हमने पथ्थर सा तन और मन कर लिया।    संस्कारों के परिचय भ्रमित हो गए,  स्वच्छ अपना ही लो आचरन कर लिया।    शब्द ही अर्थ खोने लगे आज-कल, कैसी भाषाओं का संकलन कर लिया।  बच्चे पूरा करेंगे मेरे स्वप्न को, व्यर्थ […]

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