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महालक्ष्म्यष्टकम्

महालक्ष्म्यष्टकम्

इन्द्र उवाच नमस्तेSस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोSस्तु ते।।1।। अर्थ – इन्द्र बोले – श्रीपीठ पर स्थित और देवताओं से पूजित होने वाली हे महामाये! तुम्हें नमस्कार है. हाथ में शंख, चक्र और गदा धारण करने वाली हे महाल़मि! तुम्हें प्रणाम है.   नमस्ते     गरुडारूढे     कोलासुरभयंकरि। सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोSस्तु ते।।2।। अर्थ – गरुड़ […]

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मस्तिष्क रेखा का आरंभ स्थान

मस्तिष्क रेखा का आरंभ स्थान

इस लेख में हम पाठकों को मस्तिष्क रेखा के आरंभ स्थान के बारे में  बताएंगे. मस्तिष्क रेखा हाथ में तीन प्रकार से आरंभ होती है. पहली प्रकार की मस्तिष्क रेखा का आरंभ जीवन रेखा के अंदर से होता है. दूसरी प्रकार की मस्तिष्क रेखा का आरंभ जीवन रेखा से जुड़कर होता है और तीसरी प्रकार […]

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मस्तिष्क रेखा

मस्तिष्क रेखा

इस लेख में हम मस्तिष्क रेखा के विषय में चर्चा करेगें और मस्तिष्क रेखा के बारे में हस्तरेखा शास्त्री “कीरो” की विचारधारा के अनुसार पाठकों को जानकारी दी जाएगी. इस लेख में मस्तिष्क रेखा के विषय में कुछ जानकारी दी जाएगी और धीरे-धीरे कर मस्तिष्क रेखा से संबंधित सभी बातों का अध्ययन आने वाले लेखों […]

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स्वधा स्तोत्रम्

स्वधा स्तोत्रम्

ब्रह्मोवाच – Brahmovach स्वधोच्चारणमात्रेण तीर्थस्नायी भवेन्नर:। मुच्यते सर्वपापेभ्यो वाजपेयफलं लभेत्।।1।। अर्थ – ब्रह्मा जी बोले – ‘स्वधा’ शब्द के उच्चारण से मानव तीर्थ स्नायी हो जाता है. वह सम्पूर्ण पापों से मुक्त होकर वाजपेय यज्ञ के फल का अधिकारी हो जाता है.   स्वधा स्वधा स्वधेत्येवं यदि वारत्रयं स्मरेत्। श्राद्धस्य फलमाप्नोति कालस्य तर्पणस्य च।।2।। अर्थ […]

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शीतलाष्टकम्

शीतलाष्टकम्

अस्य श्रीशीतलास्तोत्रस्य महादेव ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, शीतला देवता, लक्ष्मी बीजम्, भवानी शक्ति:, सर्व-विस्फोटकनिवृत्तय अर्थ – इस श्रीशीतला स्तोत्र के ऋषि महादेव जी, छन्द अनुष्टुप, देवता शीतला माता, बीज लक्ष्मी जी तथा शक्ति भवानी देवी हैं. सभी प्रकार के विस्फोटक, चेचक आदि, के निवारण हेतु इस स्तोत्र का जप में विनियोग होता है.   ईश्वर उवाच […]

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श्रीसरस्वती स्तोत्रम्

श्रीसरस्वती स्तोत्रम्

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दिता सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा।।1।।   आशासु राशीभवदंगवल्ली – भासैव दासीकृतदुग्धसिन्धुम् । मन्दस्मितैर्निन्दितशारदेन्दुं वन्देSरविन्दासनसुन्दरि त्वाम्।।2।।   शारदा शारदाम्भोजवदना    वदनाम्बुजे। सर्वदा       सर्वदास्माकं       सन्निधिं       क्रियात्।।3।।   सरस्वतीं     च   तां   नौमि   वागधिष्ठातृदेवताम्। देवत्वं        प्रतिपद्यन्ते      यदनुग्रहतो      जना:।।4।।   पातु    नो    निकषग्रावा    मतिहेम्न:   सरस्वती । प्राज्ञेतरपरिच्छेदं वचसैव […]

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श्री लक्ष्मी नारायण 108 नामावली

श्री लक्ष्मी नारायण 108 नामावली

1) ऊँ श्री अनन्तान्त रूपाय नम: 2) ऊँ श्री अक्रूराय नम: 3) ऊँ श्री अपमृत्यु बिनाशाय नम: 4) ऊँ श्री उज्ज्वलाय नम: 5) ऊँ श्री आत्मज्योतिषे नम: 6) ऊँ श्री अरण्डतत्व रूपाय नम: 7) ऊँ श्री कूष्माण्ड गण नाथाया नम: 8) ऊँ श्री अतीन्द्रीया नम: 9) ऊँ श्री केशिसहायकाय नम: 10) ऊँ श्री कालबक्राय नम: […]

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नीलसरस्वती स्तोत्रम्

नीलसरस्वती स्तोत्रम्

घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयंकरि। भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।1।। ऊँ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते। जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।2।। जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि। द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।3।। सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोSस्तु ते। सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम्।।4।। जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला। मूढ़तां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम्।।5।। वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नम:। उग्रतारे […]

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खग्रास सूर्यग्रहण 21/22 अगस्त 2017

खग्रास सूर्यग्रहण 21/22 अगस्त 2017

यह सूर्यग्रहण भाद्रपद अमावस्या, दिन सोमवार, अगस्त माह की 21/22 की अर्धरात्रि में लगेगा(भारतीय समयानुसार आधी रात). भारतीय समयानुसार ग्रहण का प्रभाव रात के 9 बजकर 16 मिनट से रात्रि 2 बजकर 34 मिनट तक भूगोल पर रहेगा लेकिन भारतीय समय के अनुसार यह सूर्यग्रहण रात में घटित होगा जिससे भारत के किसी भी भाग […]

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कामेश्वरीस्तुति:

कामेश्वरीस्तुति:

युधिष्ठिर उवाच – Yudhishthir Uvach नमस्ते परमेशानि ब्रह्मरूपे सनातनि। सुरासुरजगद्वन्द्ये कामेश्वरि नमोSस्तु ते।।1।।   न ते प्रभावं जानन्ति ब्रह्माद्यास्त्रिदशेश्वरा:। प्रसीद जगतामाद्ये कामेश्वरि नमोSस्तु ते।।2।।   अनादिपरमा विद्या देहिनां देहधारिणी। त्वमेवासि जगद्वन्द्ये कामेश्वरि नमोSस्तु ते।।3।।   त्वं बीजं सर्वभूतानां त्वं बुद्धिश्चेतना धृति:। त्वं प्रबोधश्च निद्रा च कामेश्वरि नमोSस्तु ते।।4।।   त्वामाराध्य महेशोSपि कृतकृत्यं हि मन्यते। आत्मानं […]

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महालक्ष्मीस्तुति:

महालक्ष्मीस्तुति:

अगस्तिरुवाच – Agastiruvach मातर्नमामि कमले कमलायताक्षि श्रीविष्णुहृत्कमलवासिनि विश्वमात:। क्षीरोदजे  कमलकोमलगर्भगौरि लक्ष्मि प्रसीद सततं नमतां शरण्ये।।1।। त्वं श्रीरुपेन्द्रसदने मदनैकमात – र्ज्योत्स्नासि चन्द्रमसि चन्द्रमनोहरास्ये। सूर्ये प्रभासि च जगत्त्रितये प्रभासि लक्ष्मि प्रसीद सततं नमतां शरण्ये।।2।। त्वं जातवेदसि सदा दहनात्मशक्ति – र्वेधास्त्वया जगदिदं विविधं विदध्यात्। विश्वम्भरोSपि बिभृयादखिलं भवत्या लक्ष्मि प्रसीद सततं नमतां शरण्ये।।3।। त्वत्त्यक्तमेतदमले हरते हरोSपि त्वं पासि हंसि […]

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राशियों के लिए जपनीय मंत्र

राशियों के लिए जपनीय मंत्र

भचक्र(Zodiac) में कुल 12 राशियाँ हैं और इन्हीं 12 राशियों में से कोई एक जन्म कुंडली का लग्न(Ascendant) बनती है तो कोई एक राशि जन्म राशि अथवा चन्द्र राशि(Moon Sign) बनती है. कई बार लग्न तथा जन्म राशि एक भी हो सकती है अर्थात लग्न में ही चंद्रमा स्थित होने से लग्न तथा चंद्र राशि […]

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संकष्टनामाष्टकम्

संकष्टनामाष्टकम्

नारद उवाच – Narad Uvach जैगीषव्य मुनिश्रेष्ठ सर्वज्ञ सुखदायक। आख्यातानि सुपुण्यानि श्रुतानि त्वत्प्रसादत:।।1।।   न तृप्तिमधिगच्छामि तव वागमृतेन च। वदस्वैकं महाभाग संकटाख्यानमुत्तमम्।।2।।   इति तस्य वच: श्रुत्वा जैगीषव्योSब्रवीत्तत:। संकष्टनाशनं स्तोत्रं श्रृणु देवर्षिसत्तम।।3।।   द्वापरे तु पुरा वृत्ते भ्रष्टराज्यो युधिष्ठिर:। भ्रातृभि: सहितो राज्यनिर्वेद: परमं गत:।।4।।   तदानीं तु तत: काशीं पुरीं यातो महामुनि:। मार्कण्डेय इति ख्यात: […]

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सूर्य द्वादशनाम स्तोत्र

सूर्य द्वादशनाम स्तोत्र

आदित्यं प्रथमं नाम द्वितीयं तु दिवाकर:। तृतीयं भास्कर: प्रोक्तं चतुर्थं तु प्रभाकर:।।1।।   पंचमं तु सहस्त्रांशु षष्ठं त्रैलोक्यलोचन:। सप्तमं हरिदश्वश्य अष्टमं च विभावसु:।।2।।   नवमं दिनकर: प्रोक्तों दशमं द्वादशात्मक:। एकादशं त्रयोमूर्ति द्वादशं सूर्य एव च।।3।।   यदि किसी जातक(Native) की जन्म कुण्डली में सूर्य की महादशा चली हुई है अथवा सूर्य की अन्तर्दशा चली हुई […]

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शिवप्रात:स्मरणस्तोत्रम्

शिवप्रात:स्मरणस्तोत्रम्

प्रात: स्मरामि भवभीतिहरं सुरेशं गंगाधरं वृषभवाहनमम्बिकेशम्। खट्वांगशूलवरदाभयहसतमीशं   संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम्।।1।।   प्रातर्नमामि गिरिशं गिरिजार्द्धदेहं सर्गस्थितिप्रलयकारनमादिदेवम्। विश्वेश्वरं विजितविश्वमनोSभिरामं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम्।।2।।   प्रातर्भजामि शिवमेकमनन्तमाद्यं वेदान्तवेद्यमनघं पुरुषं महान्तम्। नामादिभेदरहितं   च   विकारशून्यं   संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम्।।3।।   प्रात: समुत्थाय शिवं विचिन्त्य श्लोकत्रयं येSनुदिनं पठन्ति ते दु:खजातं बहुजनमसण्जितं हित्वा पदं यान्ति पदेव शम्भो:।।4।। भगवान शिव के इस स्तोत्र का जो भी व्यक्ति सुबह जाप करता है, […]

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खण्डग्रास चन्द्रग्रहण ⅞ अगस्त 2017

खण्डग्रास चन्द्रग्रहण ⅞ अगस्त 2017

वर्ष 2017 में भारतवर्ष में केवल एक ही ग्रहण दिखाई देगा. ये चन्द्रग्रहण है जो ⅞ अगस्त(श्रावण माह की पूर्णिमा) की मध्य रात्रि अर्थात सोमवार-मंगलवार की रात को पूरे भारतवर्ष में खण्डग्रास रूप में दिखाई देगा. इस ग्रहण का स्पर्श तथा मोक्ष आदि का समय भारतीय समयानुसार निम्न है :- ग्रहण स्पर्श  –  22घं.   52मि. […]

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आरती श्री सरस्वती जी

आरती श्री सरस्वती जी

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय।।   चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी। सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।।जय।।   बायें कर में वीणा, दूजे कर माला। शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला।।जय।। देव शरण में आये, उनका उद्धार किया। पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।।जय।।   वेद-ज्ञान-प्रदायिनि, बुद्धि-प्रकाश करो। मोहाज्ञान तिमिर का सत्वर […]

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आरती श्री जानकी जी

आरती श्री जानकी जी

आरती श्रीजनक दुलारी की। सीताजी रघुबर प्यारी की – टेक   जगत-जननि जग की विस्तारिणि, नित्य सत्य साकेत-विहारिणि, परम दयामयि दीनोद्धारिणि, मैया भक्तन-हितकारी की सीता जी……   सती शिरोमणि पति-हित-कारिणि, पति-सेवा हित वन-वन चारिणि, पति-हित पति-वियोग-स्वीकारिणि, त्याग-धर्म-मूरति-धारी की सीता जी……..   विमल-कीर्ति सब लोकन छाई, नाम लेत पावन मति आई, सुमिरत कटत कष्ट दुखदाई, शरणागत-जन-भय-हारी […]

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कात्यायनी स्तुति:

कात्यायनी स्तुति:

नमस्ते   त्रिजगद्वन्द्ये   संग्रामे    जयदायिनि। प्रसीद   विजयं   देहि   कात्यायनि  नमोSस्तु ते ।।1।।   सर्वशक्तिमये दुष्टरिपुनिग्रहकारिणि। दुष्टजृम्भिणि   संग्रामे   जयं   देहि  नमोSस्तु ते।।2।।   त्वमेका   परमा   शक्ति:   सर्वभूतेष्ववस्थिता। दुष्टं  संहर  संग्रामे  जयं देहि      नमोSस्तु ते।।3।।   रणप्रिये      रक्तभक्षे       मांसभक्षणकारिणि। प्रपन्नार्तिहरे  युद्धे   जयं  देहि  नमोSस्तु ते।।4।।   खट्वांगासिकरे मुण्डमालाद्योतितविग्रहे। ये त्वां  स्मरन्ति  दुर्गेषु  तेषां दु:खहरा भव।।5।।   त्वत्पादपंकजाद्दैन्यं   नमस्ते […]

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गंगा दशहरा स्तोत्रम्

गंगा दशहरा स्तोत्रम्

ऊँ  नम:  शिवायै  गंगायै  शिवदायै  नमो नम:। नमस्ते विष्णुरूपिण्यै ब्रह्ममूर्त्यै नमोSस्तु ते।।1।। नमस्ते   रुद्ररूपिण्यै   शांकर्यै   ते  नमो  नम:। सर्वदेवस्वरूपिण्यै      नमो        भेषजमूर्तये।।2।। सर्वस्य सर्वव्याधीनां भिषक्छ्रेष्ठ्यै नमोSस्तु ते। स्थास्नुजंगमसम्भूतविषहन्त्र्यै     नमोSस्तु ते।।3।। संसारविषनाशिन्यै     जीवनायै    नमोSस्तु ते। तापत्रितयसंहन्त्र्यै   प्राणेश्यै   ते   नमोSस्तु ते।।4।। शान्तिसन्तानकारिण्यै    नमस्ते   शुद्धमूर्तये। सर्वसंशुद्धिकारिण्यै       नम:    पापारिमूर्तये।।5।। भुक्तिमुक्तिप्रदायिन्यै   भद्रदायै  नमो  नम:। भोगोपभोगदायिन्यै  भोगवत्यै   नमोSस्तु ते।।6।। मन्दाकिन्यै नमस्तेSस्तु स्वर्गदायै […]

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