दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिका

खबर तो वहीं की बनेगी जहां राजा जायेगा-हिन्दी लेख

खबर तो वहीं की बनेगी जहां राजा जायेगा-हिन्दी लेख

                  विश्व पटल पर यह पहली बार यह पता लगा होगा कि दिल्ली के बाहर भी रामलीला और रावण दहन होता है। राजपद पर बैठे लोग किस तरह देश की सांस्कृतिक तथा अध्यात्मिक दर्शन को व्यापक परिदृश्य में स्थापित कर सकते हैं-यह अब राज्यप्रबंध में कार्य करने […]

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पाकिस्तान को मोदी जी से डरना ही चाहिये-संदर्भःभारत पाक संबंध-सामायिक लेख

पाकिस्तान को मोदी जी से डरना ही चाहिये-संदर्भःभारत पाक संबंध-सामायिक लेख

                                              पाकिस्तानी भले ही परमाणु बम लेकर बरसों से भारतीय हमले से बेफिक्र हैं यह सोचकर कि हम एक दो तो भारत पर पटक ही लेंगे तब वह डर जायेगा। अब उन्हें हमारी […]

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योगी के कर्म फलरहित होते हैं-पतंजलि योग दर्शन

योगी के कर्म फलरहित होते हैं-पतंजलि योग दर्शन

पतञ्जलि योग दर्शन में कहा गया है कि ————— कर्माशुल्काकृष्णं योगिनस्त्रिविधमितरेषाम्।।                                       हिन्दी में भावार्थ-योगी के कर्म अशुल्क (फलरहित) तथा अकृष्णं (धवल) होते हैं।         लेखकीय व्याख्या-आमतौर से यह सवाल उठता है कि किसी मनुष्य को […]

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अल्पायु में मौत की बढ़ती घटनायें चिंता का विषय-हिन्दी लेख

अल्पायु में मौत की बढ़ती घटनायें चिंता का विषय-हिन्दी लेख

                      आमतौर से बड़ी आयु में मौत होना ही स्वाभाविक माना जाता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य राजरोगों से एक सामान्य मनुष्य एक आयु तक स्वयं ही लड़ लेता है पर बड़ी उम्र होने पर वह हथियार डाल देता है। अब छोटी आयु में मौतें […]

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पूजा पर एकता भाषा में अनेकता-हिन्दी लेख

पूजा पर एकता भाषा में अनेकता-हिन्दी लेख

                                   इधर गणेशचतुर्थी का पर्व आया और उधर महाराष्ट्र में एक  बार फिर हिन्दी मराठी भाषा विवाद प्रारंभ हो गया।  इस समय हमारे देश में महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध तथा आतंकवाद के विषय इतने विस्फोटक हैं कि हर प्रदेश का हर भाषी सामान्य नागरिक चिंतित है। जिन लोगों के पास समस्याओं से निपटने की दायित्व है […]

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श्रीमद्भागवतगीता केअध्ययन से अपना हृदय शुद्ध करना ही पर्याप्त-हिन्दी लेख

श्रीमद्भागवतगीता केअध्ययन से अपना हृदय शुद्ध करना ही पर्याप्त-हिन्दी लेख

                                   श्रीमद्भागवतगीता पर लिखने और बोलने वाले यह हमेशा देख लिया करें कि उनके शब्द श्रीकृष्ण के मतानुसार जस की तस है कि नहीं। इस लेखक ने योग साधना का अभ्यास करते करते जब श्रीमद्भागवतगीता का अध्ययन प्रारंभ किया तब एक ज्ञानी मित्र ने सलाह दी कि श्रीगीता की पुस्तक वह लेना जिसमें महात्म्य न […]

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भक्तों को भोला या मूर्ख समझना अज्ञानता का प्रमाण-हिन्दी चिंत्तन लेख

भक्तों को भोला या मूर्ख समझना अज्ञानता का प्रमाण-हिन्दी चिंत्तन लेख

                                   11 किलो सोने के आभूषण पहनने वाला एक बाबा 25 सुरक्षाकर्मियों के साथ चलता है तो एक कथित महिला धार्मिक संत बिकनी पहनकर फोटा खिंचवाती है़।  दोनों के पास कथित रूप से भक्तों का जमावड़ा है पर इसका मतलब यह कतई नहीं है कि भारतीय धर्म के लोग मूर्ख हैं।  इस तरह तो हम […]

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हिन्दी दिवस और सनीलियोनी पर प्रस्तुत ट्विटर

हिन्दी दिवस और सनीलियोनी पर प्रस्तुत ट्विटर

             सामाजिक संगठन राज्यकर्म की जानकारी या समीक्षा करने का राजसी कर्म न करें-यह कौनसा नियम है।          विदेशी विचाराधारायें तो पूरी तरह से राजनीतिक विस्तारवाद के पोषक हैं उनके समर्थक राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ को सिखा रहे हैं कि वह राजसीकर्म न करे।             […]

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बेहतर #राज्यप्रबंध की जरूरत को समझना जरूरी-#हिन्दीलेख

बेहतर #राज्यप्रबंध की जरूरत को समझना जरूरी-#हिन्दीलेख

                                   15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस 2015 को मनाया जायेगा। इस अवसर पर टीवी तथा अन्य प्रचार माध्यमों में  वास्तविक स्वतंत्रता या आजादी पर चर्चा सुनने का मौका भी मिलेगा। इस विषय पर पुराने तर्क या इतिहास सुनाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि गांधीजी के अनेक भक्त मानते हैं कि अभी स्वतंत्रता या आजादी मिलना बाकी […]

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कर्म में अकर्म देखने से आंनद मिलता है-हिन्दी चिंत्तन लेख

कर्म में अकर्म देखने से आंनद मिलता है-हिन्दी चिंत्तन लेख

                   हर मनुष्य में यह भाव रहता है कि अन्य मनुष्य उसका सम्मान करें। वह जो काम करे उसकी कोई प्रशंसा करे। यह पूज्यता का भाव है। इसका गुण यह है कि हर मनुष्य सक्रिय रहता है ताकि उस पर परिवार, समाज तथा निजी मित्रों की दृष्टि […]

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टीवी का नहीं अपना रिमोट भी हाथ में रखेें-हिन्दी चिंत्तन लेख

टीवी का नहीं अपना रिमोट भी हाथ में रखेें-हिन्दी चिंत्तन लेख

                              टीवी का रिमोट आपके हाथ में है, आपका स्वयं का रिमोट आपके आज्ञा चक्र-भृकुटि, नाक के ठीक ऊपर-होता है। टीवी पर किसी चैनल के बदलने से आपके मस्तिष्क पर क्या प्रभाव पड़ता है जरा गौर फरमायें।                               आज यह लेखक सत्संग […]

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अध्ययन करें तो ग्रंथ भी गुरु बन सकते हैं-गुरु पूर्णिमा पर विशेष संदेश लेख

अध्ययन करें तो ग्रंथ भी गुरु बन सकते हैं-गुरु पूर्णिमा पर विशेष संदेश लेख

                    आज 31 जुलाई 2015 गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है। किसी भी मनुष्य के लिये अध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिये अपनी  इंद्रियों को निरंतर सक्रिय रखना पड़ता है।  उसे दर्शन, श्रवण अध्ययन, चिंत्तन और मनन के साथ ही अनुसंधान कर इस संसार के भौतिक तथा अध्यात्मिक दोनों तत्वों […]

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सभी को मानसिक रूप से गुलाम समझना गलत-हिन्दी चिंत्तन लेख

सभी को मानसिक रूप से गुलाम समझना गलत-हिन्दी चिंत्तन लेख

                              अंग्रेजी संस्कारों ने हमारे देश में रविवार को सामान्य अवकाश का दिन बना दिया है। रविवार के दिन सुबह भजन या अध्यात्मिक सत्संग प्रसारित करने वाले टीवी चैनल खोलकर देखें तो वास्तव में शांति मिलती है। चैनल ढूंढने  के लिये रिमोट दबाते समय अगर कोई समाचार चैनल लग जाये तो दिमाग में तनाव आने […]

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बाहूबली फिल्म पर व्यवसाय से इतर चर्चायें-हिन्दी चिंत्तन लेख

बाहूबली फिल्म पर व्यवसाय से इतर चर्चायें-हिन्दी चिंत्तन लेख

        बाहुबली फिल्म ने भारतीय मनोरंजन जगत में तहलका मचा दिया है। दक्षिण की हिन्दी भाषा में अनुवादित वाणी से सुसज्जित फिल्म बाहुबली ने जो व्यापार किया है उससे मुंबईया फिल्मों की असलियत सामने आ गयी है। दरअसल दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग शुद्ध रूप से सार्वजनिक व्यवसायिक सिद्धांतों पर आधारित है जबकि […]

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राजसी कर्म से अहंकार और क्रोध गुण जुड़ा ही है-हिन्दी चिंत्तन लेख

राजसी कर्म से अहंकार और क्रोध गुण जुड़ा ही है-हिन्दी चिंत्तन लेख

             अध्यात्मिक दर्शन का संबंध आंतरिक मनस्थिति से है। उसके ज्ञान से  व्यक्ति सात्विक भाव धारण करता है या फिर इस संसार में विषयों से सीमित संबंध रखते हुए योग भाव को प्राप्त होता है।  एक बात तय रही कि दैहिक विषयों से राजसी भाव से ही  राजसी कर्म के […]

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शासकीय चिकित्सालय तथा विद्यालय में सफाई अनिवार्य हो-हिन्दी चिंत्तन लेख

शासकीय चिकित्सालय तथा विद्यालय में सफाई अनिवार्य हो-हिन्दी चिंत्तन लेख

                     सरकारी अस्पताल में जब चिकित्सक हड़ताल करते हैं तो सबसे अधिक कमजोर आयवर्ग के लोग प्रभावित होते हैं। उसी तरह जब सरकारी विद्यालयों में शिक्षक हड़ताल करते हैं तब इसी वर्ग के छात्र परेशान होते हैं।  यह आर्थिक वैश्वीकरण का परिणाम है कि जिन गरीबों […]

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भारत और चीन अध्यात्मिक दृष्टि से मित्र राष्ट्र हैं-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

भारत और चीन अध्यात्मिक दृष्टि से मित्र राष्ट्र हैं-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

       प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन तथा मंगोलिया यात्रा में भगवान बुद्ध तथा उनके चरित्र की चर्चा का राजनीतिक रूप से कोई महत्व अभी दृष्टिगोचर नहीं हो रहा है लेकिन वैश्विक पटल के ऊपर इसके प्रभाव कालांतर में अप्रत्याशित रूप से दिखेंगे। चीन में सबसे अधिक बुद्ध धर्म मानने वाले हैं पर वैश्विक […]

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ओम शब्द को योग साधना से प्रथक नहीं किया जा सकता-21  जून पर विश्व योग दिवस पर विशेष लेख

ओम शब्द को योग साधना से प्रथक नहीं किया जा सकता-21 जून पर विश्व योग दिवस पर विशेष लेख

21 जून को पूरे विश्व में योग दिवस मनाया जा रहा है। हम यहां यह स्पष्ट कर दें कि पूरे विश्व के साथ भारत को भी योग दिवस विशेष रूप से मनाना अवश्य मनायें पर आचार्यगण आगे भी अपनी नियमित गतिविधियों तथा अभियान  नियमित रूप से जारी रखना भूलें नहीं। वह यह न सोचें कि […]

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भारत के आम हिन्दू में तत्वज्ञान रहता ही है-हिन्दी चिंत्तन लेख

भारत के आम हिन्दू में तत्वज्ञान रहता ही है-हिन्दी चिंत्तन लेख

            अभी हाल ही में एक फिल्म से हमारे देश के धार्मिक संगठनों के लिये हास्यास्पद स्थिति का निर्माण किया।  इस फिल्म के विरोध अभियान चलाते समय में रणनीति तथा धरातल के सत्य का उनको ज्ञान नहीं था-यह बात साफ प्रतीत होती है।  एक सामान्य फिल्म जो तीन दिन में दम तोड़ देती एक निरर्थक […]

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श्रीमद्भागवत गीता के सैद्धांतिक सूत्रों का व्यवहार में परीक्षण आवश्यक-हिन्दी चिंत्तन लेख

श्रीमद्भागवत गीता के सैद्धांतिक सूत्रों का व्यवहार में परीक्षण आवश्यक-हिन्दी चिंत्तन लेख

            श्रीमद्भागवत्गीता ग्रंथ की रचना के 5151 वर्ष पूरे हो गये हैं ऐसा कुछ विद्वानों ने बताया है। कम से कम एक बात तो समाज ने मान ली कि भगवान श्रीकृष्ण का लीलाकाल इससे अधिक पुराना नहीं।  इधर कुछ ज्योतिष और खगोल शास्त्रियों ने भी मिलकर भगवान श्रीराम के लीला काल को सात हजार वर्ष […]

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