yayawarramesh95

अपने मन की बात

अपने मन की बात

मित्रों ! आज काफी दिनों बाद वर्ड प्रेस के अपने खाते को खोला थोड़ी असुविधा तो हुई |पासवर्ड याद नही पर प्रबन्धन अच्छा है तुरंत सुविधा मिली और फिर खाता खोला थोड़ी देर बिछड़े यार को निहारा फिर सोचा अपने मन की बात लिख दूँ जब कोई पढ़े तो समझे रमेश यायावर भूलता नही | […]

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कवि दर्शन

कवि दर्शन

कवि दर्शन बरसों पहले कवि दर्शन की ईच्छा हुई मैंने सोचा आखिर कवि दीखता कैसा होगा और खुद की आँखों से वह ओरों को देखता होगा अपने मुंह से बोलता होगा और कानो से सुनता होगा परिधानों की कल्पना थी कुर्ता धोती और झोला मैंने अपने मन को टटोला और हिम्मत बटोर कर गया कवि […]

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वाराणसी दर्शन  (यात्रा वृतांत)

वाराणसी दर्शन (यात्रा वृतांत)

वाराणसी दर्शन (यात्रा वृतांत) बीते दिनों बनारस जिसे वाराणसी या शिवपुरी काशी कहा जाता है मुझे अपने परिजनों के साथ जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ | बाबा भोले नाथ की कृपा हुई माँ गंगा स्नान दर्शन और द्वादश ज्योतिर्मय काशी विश्वनाथ शिव लिंग पूजन कर पाया | काशी जाना यूँ तो पहली बार नही हुआ […]

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दस रूपये का इन्टरनेट (कविता)

दस रूपये का इन्टरनेट (कविता)

दस रूपये का इन्टरनेट (कविता) एयरटेल मोबाईल कम्पनी से मैंने कहा दस रूपये का इन्टरनेट रोज दो मुझे तुम कोई अकेले सेवा प्रदाता नही हो धरा पर ! पर तुमने सुना हीं नही तुम्हें गरीबों को लुटने का चस्का लगा है तुम देखते नही तीन सो रूपये माह स्वेच्छा से देता रहा तुमने दो सो […]

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उम्मीद

उम्मीद

उम्मीद तुमने अपनी उम्मीदों पर उतारा मुझे तुम मुझे छोड़ कर जाओगे किस तरह तुम्हें मेरे आगे आगे भागे भागे चलना हीं होगा तुम्हारी उम्मीदों की सड़क बड़ी लम्बी है | विश्व मंच पर शांति का प्रयास वह भी इक्कीसवीं सदी में तब एक रावण एक राम था और अब राम का तो पता नही […]

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कविता

कविता

कविता अभी तुमने मुझे समझा हीं कितना और समझोगे भी क्यों मैं तुम्हारी तरह मैं भी दो हाथ पैर वाला जीव हीं तो हूँ , पर मेरी आत्मा का प्रकाश मेरे साथ मेरे जज्बात मेरे साथ मेरे घाव मेरे साथ क्या तुममे से किसी से मेल खाते हैं ? तो क्या मैं केवल एक जीव […]

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स्वप्न और हकीकत (हिंदी कविता)

स्वप्न और हकीकत (हिंदी कविता)

स्वप्न और हकीकत (हिंदी कविता) तुम्हें भरोसा भले हीं ना हो पर यह सच है स्वप्नों में उसकी ही हकीकत बसती वह खींच ले जाता है मन प्राण सूक्ष्म शरीर और चेतना चेतन अचेतन मन और फिर खेल और खिलाड़ी की तरह समझाता दृश्य और भविष्य की घटनाएँ तुम उसके भरोसे के काबिल नही हाँ […]

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एहसास

एहसास

एहसास (हिन्दीकविता) तुम्हारे होने का मुझे एहसास है फिर तुम मुझे साथ होने का एहसास कराते हो ताकि मैं मुरझा ना जाऊं कहीं बिखर ना जाऊं तुम दवाओ में कहीं कहीं दुआओं में जल में थल में नभचर में जलचर में साहित्य में कविताओं में कहानीयों में धर्म ग्रंथो में प्रेरक बनकर उभरते | तुम्हें […]

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जमाना

जमाना

जमाना (हिन्दीकविता) मुश्किलों में जमाना मुश्किलों में खजाना बात बात में कुरेदते जज्बात ये कैसी गोलीयों की बरसात आज भी पाकिस्तान दहला आतंकवाद से मानव मन ना बहला यह तुम्हें ही डसेगा फिर कहाँ तू बसेगा ? खोखली बातो से स्याह सी रातों से कोई नही बचा तेरा भरोसा किसी को नही जंचा तेरा खैर […]

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एक अदद चाय

एक अदद चाय

एक अदद चाय (हिन्दीकविता) एक अदद चाय ने आज ने सिर फोड़ा जमाना काला है या गोरा सोचने को विवश हुआ मैं पैदल था, आज बस हुआ वर्ड प्रेस की छपी एक कविता से मैंने भी लिखने की ठानी नही लिखूं तो होगी बईमानी पहरावे को देखकर हर कोई था दंग देखता कोई और भी […]

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पहचान

पहचान

पहचान – (हिन्दीकविता) देखा है मैंने किस कदर बच्चे मेरी आँखों के सामने जवान हुए और जवान, अवस्था पार कर बुड्ढे हुए पर ,क्या पहचान है आज तक तुम्हारी बाल काले थे सफेद हुए जिन्दगी की भागम भाग में तुमने सफेद बालो को आवरण चढ़ा कर फिर काला, सुनहरा किया और अपनी ढलती ऊम्र की […]

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सजना

सजना

सजना – (हिन्दीकविता) सजना ,सवंरना ,पढ़ना – और इसी रास्ते गुजरना यह क्या है धरा का प्यार ,या मानवीय इजहार शब्द हंसते अय मानव ! प्रकृति की कितनी समझ तुझे सत्संगों में तुम्हारा आवरण भीड़ नही तो और क्या है – ज्ञान अधुरा मान अधुरा विज्ञान अधुरा प्रमाण अधुरा जब – जब मैं भी आता […]

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नजर हिन्दी कविता

नजर हिन्दी कविता

नजर (हिन्दीकविता) अरे सुनो समय !ये नजरें आजकल बदली बदली सी जैसे मैंने कभी कुछ किसी को कहा हो मैंने देखा पुरुष भी घूरते हैं महिलाएं भी घूरती है – पर, मुझ तक पहुंचना आज भी इतना आसान नही मैं अपनी दुकान पर बैठा पर तुम्हारी सात पीढ़ीयों से पकड़ से आज भी बाहर मेरी […]

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सुनो 2016 (हिन्दीकविता)

सुनो 2016 (हिन्दीकविता)

सुनो 2016 (हिन्दीकविता) अरे सुनो 2016 ! मैं भी कोई आलसी नही मेरी भी नींद खुली जब तुम्हारा मेरे भारत में आगमन हो रहा था पटाको की धड़ाम धड़ाम से मेरी नींद खुली फिर मैं हंसा तुमने मुझे भी नही बक्शा मुझे जगा हीं डाला फिर मैंने टोर्च जलाया घड़ी देखी, रात के ग्यारह पचास […]

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स्वामी (हिंदी कविता)

स्वामी (हिंदी कविता)

स्वामी (हिंदी कविता) क्या तलाश है तुम्हें किसी स्वामी की पर क्यों , तुम भी तो स्वामी हो – अपने घर के अपने व्यवसाय के तुम्हे किसी और स्वामी को खोजना नही बल्कि स्वयं अपनी साधना से स्वामी बनना है और खोजना है तुम्हें अपना”रामकृष्ण परमहंस” वह भी नरेंद्र हो कर फिर बनोगे तुम स्वामी […]

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यथार्थ (हिन्दीकविता)

यथार्थ (हिन्दीकविता)

यथार्थ (हिन्दीकविता) थोड़ी सी बची मेरी जिन्दगी तुम्हें कितना हिसाब किताब दूँ मैंने कहा मैं मनुष्य नही – तुमने माना नही ,पहचाना नही शब्दों के भंवर जाल मैं नही फंसता हर बात को समझने का मेरा प्रयास नजरे चुराने, नजरे मिलाने का है जबरन मिलाये तो भी दोषी हृदयाघात चाहे जितना हो कोशी | सच […]

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जज्बात हिन्दी कविता

जज्बात हिन्दी कविता

जज्बात (हिंदी कविता) जज्बातों का ठिठकना ,रुकना फिर चलना क्या तुम्हें मंजूर था कभी पर, वक्त ने किसी गन्ने की तरह निचोड़ डाला और अब सूखे गन्ने से भी खाना पकता है तुम्हें मालूम है तुम हीं पेट भरते हो तुम्हारा अस्तिव क्या है ? तुम्हारे ईश्वर प्रदत जज्बात बस इसी को सब याद करते […]

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पहचान नदी की

पहचान नदी की

पहचान नदी की (हिंदी कविता) गहराती नदी उदासी नदी इतराती नदी प्यासी नदी जो निकलती तो है, झरने की खोज में अपनी हीं मौज में, पर मिलती है उसे मौत ! फिर कोई नही पूछता कोई नही ढूंढता, कोई नही खोजता यही तो जमाना है – काम निकला और पहचान गायब | खुद हीं खुद […]

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लड़की हिन्दी कविता

लड़की हिन्दी कविता

लड़की (हिंदी कविता) जमाने में तुम्हीं तो एक लड़की हो सुबह सुबह हीं कहाँ से धडकी हो बार बार जमाने पर हंसती मुझे लगा जमाने में फंसती कानो में लगाकर ईयर फोन हालात देखकर मैं रह ना सका मौन ? जमाने ने क्या तुम्हे यही तहजीब सिखाई तुम्हीं जमाने में क्या अकेली आई माँ बाप […]

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