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एशियाई हॉकी में पाक पर जीत से प्रचार माध्यमों में खुशी दिखनी ही थी-हिन्दी लेख

एशियाई हॉकी में पाक पर जीत से प्रचार माध्यमों में खुशी दिखनी ही थी-हिन्दी लेख

                   चलो अच्छा ही हुआ कि आज दीपावली के दिन भारत ने एशिया हॉकी कप के फायनल में पाकिस्तान को 3-2 से हराकर खिताब जीत लिया। भारतीय प्रचार माध्यम अपनी श्रेष्ठता दिखाने के लिये खेलों को सनसनीपूर्ण बना देते हैं इसलिये दर्शकों के भावुक होने की पूरी […]

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धार्मिक ग्रंथ की बात पहले समझें फिर व्यक्त करें-हिन्दी लेख

धार्मिक ग्रंथ की बात पहले समझें फिर व्यक्त करें-हिन्दी लेख

                                   अभी हाल ही में एक पत्रिका में वेदों के संदेशों के आधार पर यह संदेश प्रकाशित किया गया कि ‘गाय को मारने या मांस खाने वाले को मार देना चाहिये’।  इस पर बहुत विवाद हुआ। हमने ट्विटर, ब्लॉग और फेसबुक पर यह अनुरोध किया था कि उस वेद का श्लोक भी प्रस्तुत किया गया […]

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140 शब्दों की सीमा से अधिक twitlonger पर लिखना भी दिलचस्प

140 शब्दों की सीमा से अधिक twitlonger पर लिखना भी दिलचस्प

                                   ट्विटर, फेसबुक और ब्लॉग से आठ वषौं के सतत संपर्क से यह अनुभव हुआ है कि भले ही आपकी बात अंग्रेजी में अधिक पढ़ी जाती है पर भारत में समझने के लिये आपका पाठ हिन्दी में होना आवश्यक […]

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एकलव्य की तरह श्रीमद्भागवतगीता का अध्ययन करें-हिन्दी लेख

एकलव्य की तरह श्रीमद्भागवतगीता का अध्ययन करें-हिन्दी लेख

                         श्रीमद्भागवत गीता में सांख्ययोग की अपेक्षा कर्मयोग को श्रेष्ठ बताया गया है। इतना ही सांख्या योग से सन्यास अत्यंत कठिन बताते हुए कर्म येाग सन्यास का महत्व प्रतिपादित किया गया है। हमारे यहां सन्यास पर अनेक तरह के भ्रम फैलाये जाते हैं।  सन्यास […]

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इंसान हीरे नहीं होते-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

इंसान हीरे नहीं होते-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

पंचतत्वों से बने इंसान कभी हीरे या सोने जैसे नहीं होते। आदतों से मजबूर सभी चरित्र में चालाकी के बीज बोने जैसे नहीं होते। कहें दीपक बापू इतिहास में खल भी बन गये महानायक दर्दनाक हादसे करने वाले पर्दे पर बने घायल के सहायक कहलाये फरिश्ते ऐसे नाम जो भले इंसानों की जुबान पर ढोने […]

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#आमआदमी की उपेक्षा करना अब #संभव नहीं-#हिन्दीचिंत्तनलेख

#आमआदमी की उपेक्षा करना अब #संभव नहीं-#हिन्दीचिंत्तनलेख

                    सार्वजनिक जीवन में मानवीय संवेदनाओं से खिलवाड़ कर  सदैव लाभ उठाना खतरनाक भी हो सकता है। खासतौर से आज जब अंतर्जाल पर सामाजिक जनसंपर्क तथा प्रचार की सुविधा उपलब्ध है। अभी तक भारत के विभिन्न पेशेवर बुद्धिजीवियों ने संगठित प्रचार माध्यमों में अपने लिये खूब […]

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मैली गंगा और भरी थैली-हिन्दी कवितायें

मैली गंगा और भरी थैली-हिन्दी कवितायें

हिमालय से निकली पवित्र गंगा हर जगह मैंली क्यों है। पानी की हर बूंद पर  गंदगी फैली क्यों है। कहें दीपक बापू किनारे से चलो धनवानों के घर तक पत लग जायेगा गंगा की धाराओं में विष प्रवाहित करने के बदले उनकी भरी थैली  क्यों है। ——————– भीड़ लगी है ऐसे लोगों की  जो मुख […]

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जहर तो न पकाओ-हिन्दी कवितायें

जहर तो न पकाओ-हिन्दी कवितायें

सपना सभी का होता है मगर राज सिंहासन तक चतुर ही पहुंच पाते हैं। बादशाहों की काबलियत पर सवाल उठाना बेकार हैं दरबार में उनकी अक्लमंद भी धन के गुलाम होकर सलाम बजाने पहुंच जाते हैं। कहें दीपक बापू इंसानों ने अपनी जिंदगी के कायदे कुदरत से अलग बनाये, ताकतवरों ने लेकर उनका सहारा कमजोरों […]

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देवताओं ने सीखें सफलता का मंत्र-हिन्दी चिंत्तन लेख

देवताओं ने सीखें सफलता का मंत्र-हिन्दी चिंत्तन लेख

                              मनुष्य मन का भटकाव उसे कभी लक्ष्य तक नहीं पहुंचने देता। जीवन संघर्ष में अनेक अच्छे और बुरे अवसर आते हैं पर ज्ञानी मनुष्य अपने लक्ष्य पथ से अलग नहीं होता।  कहा जाता है कि इस संसार में समय और प्रकृति […]

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अज्ञान ही समस्त संकट का कारण-पतंजलि योग साहित्य

अज्ञान ही समस्त संकट का कारण-पतंजलि योग साहित्य

       पूरे विश्व में 21 जून को योग दिवस मनाया जा रहा है। इसका प्रचार देखकर ऐसा लगता है कि योग साधना के दौरान किये जाने वाले आसन एक तरह से ऐसे व्यायाम हैं जिनसे बीमारियों का इलाज हो जाता है।  अनेक लोग तो योग शिक्षकों के पास जाकर अपनी बीमारी बताते हुए […]

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क्रिकेट खेल बिकने वाली सेवा मान लें तो कोई समस्या नहीं-हिन्दी चिंत्तन लेख

क्रिकेट खेल बिकने वाली सेवा मान लें तो कोई समस्या नहीं-हिन्दी चिंत्तन लेख

क्रिकेट के मैच अब खिलाड़ियों के पराक्रम  से खेले नहीं जाते नहीं वरन् टीमों के स्वामियों की लिखी पटकथा के अभिनीत किये  जाते हैं। इसका पहले हमें उस समय अनुमान हुआ था जब आज से आठ दस साल पहले इसमें इसके परिणाम सट्टेबाजों के अनुसार पूर्व निर्धारित किये जाने के आरोप लगे थे। उस समय […]

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सहज योगी उपेक्षासन करना भी सीखें-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

सहज योगी उपेक्षासन करना भी सीखें-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

                  21 जून विश्व योग दिवस जैसे जैसे करीब आता जा रहा है वैसे वैसे भारतीय प्रचार माध्यम भारतीय अध्यात्मिक विचारधारा न मानने वाले समुदायों के कुछ लोगों को ओम शब्द, गायत्री मंत्र तथा सूर्यनमस्कार के विरोध करने के लिये बहस में निष्पक्षता के नाम पर बहसों […]

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हर विषय पर योग दृष्टि से विचार करें-21  जून  विश्व योग दिवस पर विशेष लेख

हर विषय पर योग दृष्टि से विचार करें-21 जून विश्व योग दिवस पर विशेष लेख

       पूरे विश्व में 21 जून को योग दिवस मनाया जा रहा है। इसका प्रचार देखकर ऐसा लगता है कि योग साधना के दौरान किये जाने वाले आसन एक तरह से ऐसे व्यायाम हैं जिनसे बीमारियों का इलाज हो जाता है।  अनेक लोग तो योग शिक्षकों के पास जाकर अपनी बीमारी बताते हुए […]

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भक्ति में जादू का मिश्रण-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

भक्ति में जादू का मिश्रण-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

दूसरे पर तरह खाते वही अपनी देह पर तरह तरह के वेश धारण करने में जिनकी आसक्ति है। चमकते सिंहासन पर विराजे समाज सेवा के व्यापार में बेचते भ्रम सत्य के नाम पर उनके शब्दों में इतनी शक्ति है। कहें दीपक बापू प्रमाण पत्र कोई नहीं  देखता प्रसिद्ध हो जाने पर प्रश्न नहीं उठाता चतुराई […]

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सत्य से लोग घबड़ाते हैं-हिन्दी व्यंग्य कविताये

सत्य से लोग घबड़ाते हैं-हिन्दी व्यंग्य कविताये

कत्ल की खबर प्रचार के बाज़ार में महंगी बिक जाती है। व्याभिचार का विषय हो तो दिल दहलाने के साथ  मनोरंजन के तवे पर विज्ञापन की रोटी भी सिक जाती है। कहें दीपक बापू साहित्य को समाज बताया जाता था दर्पण, शब्दों का अब नहीं किया जाता पुण्य के लिये तर्पण, अर्थहीन शब्द चीख कर […]

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भारतीय अध्यात्मिक विचाराधारा के अनुसरण से ही विश्व शांति संभव-हिन्दी चिंत्तन लेख

भारतीय अध्यात्मिक विचाराधारा के अनुसरण से ही विश्व शांति संभव-हिन्दी चिंत्तन लेख

            फ्रांस के पेरिस में लगातार आतंकवादी हमलों से वहां के वातावरण जो भावनात्मक विष मिश्रित हो रहा है उसे कोई समझ नहीं पा रहा है।  ऐसा लगता है कि विश्व में मध्य एशिया से निर्यातित आतंकवाद के मूल तत्व को कोई समझ नहीं पा रहा है। हमारे देश में कथित रूप से जो सर्व […]

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पूज्यनीय सूची-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

पूज्यनीय सूची-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

सर्वशक्तिमान में आस्था वह भीड़ में नाटकीयता के साथ सभी को दिखाते हैं। अपनी  पूजा पद्धति दान में पायी भेंट बांटकर दूसरों को सिखाते हैं। कहें दीपक बापू अज्ञान के बुतों से नहीं बनता कोई दूसरा काम, सर्वशक्तिमान के सेवक के रूप में कमाना चाहते पैसा और नाम, सामान देकर खरीदते आस्था भक्ति के व्यापार […]

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कमाई के जरिये पर कोई सवाल नहीं उठता-हिंदी कविताएँ

कमाई के जरिये पर कोई सवाल नहीं उठता-हिंदी कविताएँ

बाहर हंसने की नाकाम कोशिश करते लोग मगर उनके दिल टूटे हैं। शब्दों का मायाजाल बुनने में सभी माहिर होते अनुमान नहीं लगता कि अर्थ कितने सत्य कितने झूठे हैं। कहें दीपक बापू सभी के दिल लगे हैं माया जोडने में, कुछ उड़ाते वफा का वादा हवा में कुछ लगे रिश्ते तोड़ने में, कमाई के […]

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अपनी बात-हिन्दी कविता

अपनी बात-हिन्दी कविता

कभी कभी हम कुछ पंक्तियों में अपनी बात कह जाते हैं। हालातों से बेजार ज़माना भटका है बाज़ार की भूलभुलैया में किससे कहें अपने शब्द लोगों के कान अपने मतलब की बात सुनने के लिये ही रहते आतुर हम स्वयं से ही कहते दिल की बात कागज अपना साथी बनाते हैं। कहें दीपक बापू संवेदना […]

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ऊंचे और शानदार भवन-हिन्दी कविताऐं

ऊंचे और शानदार भवन-हिन्दी कविताऐं

धन का शिखर हमेशा चमकदार दिखता है मगर कोई चढ़ नहीं पाता। एक रुपये की चाहत करोड़ों तक पहुंचती चढ़ते जाते फिर भी लोग शौक से चाहे वह हमेशा दूर ही नज़र आता। कहें दीपक बापू माया की दौड़ में शामिल धावकों की कमी नहीं है, कुछ औंधे मुंह गिरे जो दौड़ते रहे फिर भी […]

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