*** दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता-पत्रिका*** mastram Deepak Bharatdeep ki hindi patrika***

पतंजलि के नाम से दवा बिके तो धन्वंतरि का नाम याद नहीं रहता-हिन्दी व्यंग्य

पतंजलि के नाम से दवा बिके तो धन्वंतरि का नाम याद नहीं रहता-हिन्दी व्यंग्य

                                आज भगवान धन्वंतरि का प्रकट दिवस ही धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। धन्वंतरि के नाम का संक्षिप्तीकरण इस तरह किया गया है कि सारे अर्थ ही उलट गये हैं। भगवान धन्वंतरि को आरोग्य का देवता माना गया […]

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जयश्रीराम का राजनीतिकरण कौन कर रहा है-हिन्दी संपादकीय

जयश्रीराम का राजनीतिकरण कौन कर रहा है-हिन्दी संपादकीय

                                               जब देश में रामजन्मभूमि आंदोलन चल रहा था तब ‘जयश्रीराम’ नारे का जिस तरह चुनावी राजनीतिकरण हुआ उसकी अनेक मिसालें हैं।  स्थिति यह थी कि कहीं अगर कहीं ‘जयश्रीराम’ का नारा मन […]

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मोदी जी सिंधीयों, बलूचों, व पख्तूनों को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रमुख बने-हिन्दी संपादकीय

मोदी जी सिंधीयों, बलूचों, व पख्तूनों को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रमुख बने-हिन्दी संपादकीय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योग साधक हैं और मानना पड़ेगा कि उनकी बुद्धि तथा वाणी में सरस्वती विराजती है। कोझिकोड में आज उनके भाषण का सही अर्थ बहुत कम लोग समझ पायेंगे। खासतौर से राष्ट्रवादी विचारकों के लिये भाषण के पूरे मायने समझना कठिन होगा-वह अखंड भारत का सपना देखते हैं पर कोई सार्वजनिक रूप से […]

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धर्म पर बहस करने वालों का ज्ञान प्रमाणिक नहीं-हिदी चिंत्तन लेख

धर्म पर बहस करने वालों का ज्ञान प्रमाणिक नहीं-हिदी चिंत्तन लेख

                  जब धर्म के विषय पर बहस हो और कोई संत वेशधारी उत्तेजित होकर बोलने लगे तो समझ लेना चाहिये कि वह घनघोर अज्ञान के अंधेरे में जीवन व्यतीत कर रहा है। शनिशिंगणापुर विषय पर प्रचार माध्यमों में जमकर बहस चलायी जा रही है। तय बात है […]

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बौद्धिक रूप से व्यवहारिक होना चाहिये.हिन्दी चिंत्तन लेख

बौद्धिक रूप से व्यवहारिक होना चाहिये.हिन्दी चिंत्तन लेख

                     आजादी के बाद से हमारे यहां लोकतंत्र की आड़ में एक अनवरत बौद्धिक संघर्ष रहा है-अब यह पता नहीं कि वह स्वप्रेरित है या प्रायोजित। आजकल आजादी का नारा फिर लग रहा है।  राष्ट्रवादियों के शिखर पर आने के बाद उलटपंथियों का बरसों पुराना चला […]

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कुश्ती लड़नेवाले योग पर टिप्पणी न करें-योग साधना पर विशेष लेख

कुश्ती लड़नेवाले योग पर टिप्पणी न करें-योग साधना पर विशेष लेख

                   हमारे देश के अध्यात्मिक दर्शन का मूल तत्व योग साधना है। इसके आठभाग है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं पर इसके बावजूद अनेक अल्पज्ञानी इस पर गाहबगाहे टिप्पणियां करने लग जाते हैं। लोकतंत्र में वाणी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होती है। यह ठीक भी है पर इसमें अब समस्या यह हो […]

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पश्चिमी देश आतंकवाद से लड़ने के इच्छुक नहीं

पश्चिमी देश आतंकवाद से लड़ने के इच्छुक नहीं

                                   पेरिस पर हमले के बाद पूरे विश्व में उथलपुथल मची है। उस पर कहने से पूर्व हम भारतीय योग सिद्धांत की बात करें। यह सच है कि क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। हम अगर किसी वस्तु, विषय या व्यक्ति से अनुकूल प्रतिक्रिया चाहें तो अपनी किया उसके अनुरूप करनी होगी।  दूसरा कर्म और फल […]

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इतिहास जनमानस की यादों में बसता है-हिन्दी लेख

इतिहास जनमानस की यादों में बसता है-हिन्दी लेख

                                   हमारा मानना है कि इतिहास को केवल कागज या लकड़े के पट्टे पर नहीं दर्ज होता। उसे भुलाना है तो जनमानस मे नयी स्वर्णिम छवि भी आना चाहिये। यह छवि वही लेाग बना सकते हैं जो सामान्यजनों के लिये हितकारक काम करते हुए उसकी रक्षा भी कर सकते हैं। ‎                                   औरंगजेबमार्ग का नाम बदलकर […]

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विश्वहिन्दीसम्मेलन और हिन्दी दिवस पर नया पाठ

विश्वहिन्दीसम्मेलन और हिन्दी दिवस पर नया पाठ

               भोपाल में 22वां विश्व हिन्दी सम्मेलन हो रहा है।  पूर्व में हुए 21 सम्मेलनों का हिन्दी में क्या प्रभाव हुआ पता नहीं पर इतना तय है कि भारतीय जनमानस की यह अध्यात्मिक भाषा है।  इसलिये उसे रिझाये रखने के लिये बाज़ार ने भाषा को जिंदा रखा है।  इस […]

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नये निर्माण से ही इतिहास भूलना संभव-हिन्दी लेख

नये निर्माण से ही इतिहास भूलना संभव-हिन्दी लेख

                                  हमारा मानना है कि इतिहास को केवल कागज या लकड़े के पट्टे पर नहीं दर्ज होता। उसे भुलाना है तो जनमानस मे नयी स्वर्णिम छवि भी आना चाहिये। यह छवि वही लेाग बना सकते हैं जो सामान्यजनों के […]

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पाकिस्तान से #सिंधप्रांत प्रथक कराने का प्रयास हों-#हिन्दीलेख

पाकिस्तान से #सिंधप्रांत प्रथक कराने का प्रयास हों-#हिन्दीलेख

                              गुरदासपुर में हमले से भारत में भारी नाराजगी का वातावरण है अनेक सामरिक विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान का सिंध प्रांत ऐसा है जहां अगर सही रणनीति अपनायी जाये तो भारत उस पर नियंत्रण कर सकता है। पाकिस्तान के सिंधी भाषी […]

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#दर्द के #व्यापारी-#हिन्दीकवितायें

#दर्द के #व्यापारी-#हिन्दीकवितायें

अनजान में भटके राही को सही रास्ता सुझा सकते हैं। जानकर चले तबाही के रास्ते उसे समझाते हुए अपनी अक्ल के चिराग बुझा सकते हैं। कहें दीपक बापू शहर बड़े हैं हादसों के डर से सहम जाते एक वहम से बचते दूसरा साथ लाते अंग्रेजी में भटके इस तरह उनको खुश करने के लिये हिन्दी […]

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माया की शिक्षा देने वाले सहजता से मिल जाते हैं-गुरु पूर्णिमा पर नया हिन्दी पाठ

माया की शिक्षा देने वाले सहजता से मिल जाते हैं-गुरु पूर्णिमा पर नया हिन्दी पाठ

                    जिस तरह गुरुओं की पूजा हो रही है उससे तो लगता है कि हमारे प्राचीन ग्रंथों के अनुसार अध्यात्मिक ज्ञान देने वाले को ही गुरु मानने के सिद्धांत की मजाक बन रहा है।  यहां तो सांसरिक विषयों में शक्कर का स्वाद दिलाने वाले गुड़ ही पुज रहे हैं।           हमारे अध्यात्मिक दर्शन के […]

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पाकिस्तान पर लगाम कसे बिना भारत में शांति नहीं-हिन्दी चिंत्तन

पाकिस्तान पर लगाम कसे बिना भारत में शांति नहीं-हिन्दी चिंत्तन

                              गुरदासपुर में हुआ पाकिस्तानी प्रायोजित हमला बहुत गंभीर है-यह सभी मान रहे हैं पर ऐसे हमले आगे न हों इसका स्थाई उपाय करने की बात पर सभी खामोश हो जाते हैं। सन् 1971 के बाद भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर पाकिस्तान को सबक नहीं सिखाया  है जबकि इसकी आवश्यकता लंबे समय से अनुभव […]

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आशा और आशंका में अंतर तो होना चाहिये-हिन्दी संपादकीय

आशा और आशंका में अंतर तो होना चाहिये-हिन्दी संपादकीय

    ‘आज दिल्ली में बादल छाये रहने की आशंका है’-यह वाक्य  एक हिन्दी समाचार टीवी चैनल पर उद्घोषक है। जिन लोगों ने अपनी शिक्षा हिन्दी माध्यम से प्राप्त की है उनके लिये अक्सर इन समाचार टीवी चैनलों पर  आशा, आशंका और संभावना जैसे शब्द दर्शक की गंभीर बुद्धि में चल रही गेयता के दौर […]

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खानपान के विषय में गंभीरता से विचार करें-हिन्दी चिंत्तन लेख

खानपान के विषय में गंभीरता से विचार करें-हिन्दी चिंत्तन लेख

                              हमारे देश में लोग भोजन की बात तो करते हैं पर उसे ग्रहण करने का तरीके और पचाने की शक्ति पर कभी विचार नहीं करते। हम भोजन में कब, क्या और कितना खायें-यह सवाल अनेक लोगों को परेशान करता है। अनेक लोग तो अपने से सवाल पूछकर ही स्वयं से ही कन्नी काट जाते […]

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अल्पआयु में मृतकों की बढ़ती संख्या चिंताजनक-हिन्दी चिंत्तन लेख

अल्पआयु में मृतकों की बढ़ती संख्या चिंताजनक-हिन्दी चिंत्तन लेख

                      आमतौर से बड़ी आयु में मौत होना ही स्वाभाविक माना जाता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य राजरोगों से एक सामान्य मनुष्य एक आयु तक स्वयं ही लड़ लेता है पर बड़ी उम्र होने पर वह हथियार डाल देता है। अब छोटी आयु में मौतें […]

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अभी तक देशी सर्वर स्थापित होना चाहिए था-डिजिटल इंडिया सप्ताह पर चिंत्तन लेख

अभी तक देशी सर्वर स्थापित होना चाहिए था-डिजिटल इंडिया सप्ताह पर चिंत्तन लेख

      हमारे देश में सरकार ने डिजिटल इंडिया सप्ताह का प्रारंभ किया है। डिजिटल इंडिया की सफलता के लिये बहुत सारा पैसा खर्च करने की बात चल रही है। अपना स्वदेशी अंतर्जालीय मस्तक यानि सर्वर बनाया जाना चाहिये। इतनी सारी टेलीफोन कंपनियां हैं पर आज तक एक भी स्वदेशी सर्वर नहीं बन पाया-इस […]

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उनकी दरियादिली-हिन्दी कवितायें

उनकी दरियादिली-हिन्दी कवितायें

ईमानदार हो या नहीं ज़माने को बहलाने के लिये दिखना जरूरी है। किसी के जिस्म पर रहम करें मगर दौलत और शोहरत के लिये इंसानों के जज़्बातों से खेलना जरूरी है। कहें दीपक बापू सबसे ऊंचा हिमालय त्यागियों का ही आश्रयदाता है जज़्बातों के सौदागरों की छवि सन्यासी जैसी दिखाने के लिये नकली हिमालय बनाना […]

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सर्वशक्तिमान का रूप अचिंतनीय है-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

सर्वशक्तिमान का रूप अचिंतनीय है-21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष हिन्दी चिंत्तन लेख

        प्रचार माध्यमों के अनुसार ब्रिटेन में इस बात पर बहस छिड़ी है कि गॉड स्त्री है या पुरुष! हमारे हिसाब से उन्हें इस बात पर बहस करना ही नहीं चाहिये क्योंकि अंग्रेजी में स्त्री या पुरुष की क्रिया के वाचन शब्द का कोई विभाजन ही नहीं है। स्त्री कार्य कर रही […]

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