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हनुमान जी 

हनुमान जी 

❄❄ऊँ नमःशिवाय❄❄ रामायण की एक कथा   महादेव-पार्वती संग झूमे   रावण के वध के बाद अयोध्या पति श्री राम ने राजपाट संभाल लिया था और प्रजा राम राज्य से प्रसन्न थी, एक दिन भगवान महादेव की इच्छा श्री राम से मिलने की हुई, पार्वती जी को संग लेकर महादेव कैलाश पर्वत से अयोध्या नगरी के […]

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सती से शक्ति बनने की कथा

सती से शक्ति बनने की कथा

सती से शक्ति बनने की कथा।सतीं जो तजी दच्छ मख देहा। जनमी जाइ हिमाचल गेहा॥ प्रजापति दक्ष की पुत्री सती को शैलपुत्री भी कहा जाता था और उसे आर्यों की रानी भी कहा जाता था। दक्ष का राज्य हिमालय के कश्मीर इलाके में था। यह देवी ऋषि कश्यप के साथ मिलकर असुरों का संहार करती […]

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गौ रक्षा पर बहस क्युं.?

गौ रक्षा पर बहस क्युं.?

वैदिक काल से ही भारतीय संस्कृति में गाय का विशेष महत्व है. दुख की बात है कि भारतीय संस्कृति में जिस गाय को पूजनीय कहा गया है, आज उसी गाय को भूखा-प्यासा सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ दिया गया है. लोग अपने घरों में कुत्ते तो पाल लेते हैं, लेकिन उनके पास गाय के […]

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मांस भक्षण करनेवाले जरुर पढे !!

मांस भक्षण करनेवाले जरुर पढे !!

हमारे वेदो, पुराणों और तन्त्र में भी स्पष्ट घोषणा है कि ब्राह्मणों को मांस का सेवन नहीं करना चाहिये ..कुछ ये लोग वेद में मांसाहार का प्रमाण भी खोज निकालते हैं। क्या ये सत्य है अथवा यदि ब्राह्मण को छोड़ भी दिया जाए तो क्या कोई हिन्दू अपने जीते जी इस वेद-वाक्य के पालन करने […]

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केरल मे बढती हिंसा चिंताजनक 

केरल मे बढती हिंसा चिंताजनक 

प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर, देश के पहले संपूर्ण साक्षर राज्य केरल को ‘भगवान की धरती’ कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान परशुराम ने अपने फरसे से जो भूभाग समुद्र में से बाहर निकाला था, वह केरल ही है; पर इन दिनों यह राज्य वामपंथी शासन की शह पर हो रही देशभक्तों की हत्याओं […]

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हिन्दू मामलों में माननीय सुप्रीम कोर्ट की रुचि अपेक्षाकृत ज्यादा

हिन्दू मामलों में माननीय सुप्रीम कोर्ट की रुचि अपेक्षाकृत ज्यादा

सुप्रिमकोर्ट  वैसे तो न्यायपालिका लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है। इसे पूरे देश की अखण्डता तथा समग्र देशवासी की भावना को देखते हुए ही कार्य करना चाहिए, परन्तु व्यवहार में अनेक अवसर आये हैं कि हिन्दू मामलों में जन भावना की अनदेखी की गई है। भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट एक स्वतंत्र संस्था है जिसे […]

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प्राचीन कश्मीर का अनसुना इतिहास

प्राचीन कश्मीर का अनसुना इतिहास

क हम आपको एक ऐसी दर्दनाक सच्चाई बताने जा रहे है। जो देश के 99% से ज्यादा लोगो को पता नहीं है। आप सभी ने सुना होगा कश्मीरी पंडितो के बारे में। हम सभी ने सुना है की हा कुछ तो हुआ था कश्मीरी पंडितो के साथ। लेकिन क्या हुआ था क्यों हुआ था यह […]

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जब बर्बर मसूद हमलावर बनकर आया था अयोध्या

जब बर्बर मसूद हमलावर बनकर आया था अयोध्या

अयोध्या हमारे गौरवपूर्ण अतीत का पवित्र स्मारक है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए। संपूर्ण विश्व इस पवित्र नगरी का ऋणी है, क्योंकि इक्ष्वाकु वंश की अनेकों पीढिय़ों ने यहां से विश्व पर शासन किया और आर्यावत्र्तीय राजाओं ने विश्वशांति की दिशा में ठोस उपाय किये। विदेशी इतिहासकारों का एक कुचक्र विदेशी इतिहासकारों ने हमें […]

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द्रौपदी के पांच पतियों की हकीकत 

द्रौपदी के पांच पतियों की हकीकत 

महाभारत ग्रंथ की मूल कथा में अनेक परिवर्तन हुए हैं. इन परिवर्तनों से आर्य-संस्कृति का रूप काफी दयनीय स्थिति को प्राप्त हुआ है. द्रौपदी के पांच पति वाली कथा इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. महाभारत के आदि-पर्व में द्रौपदी के पांच पतियों का उल्लेख पाया जाता है. महाभारत की द्रौपदी तथा परवर्ती किसी भाष्यकार द्वारा प्रक्षिप्त […]

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वीर सावरकर 

वीर सावरकर 

बात 10 मई 1957 की है। सारा देश 1857 की क्रांति की शताब्दी मना रहा था। दिल्ली में रामलीला मैदान में तब एक भव्य कार्यक्रम हुआ था। हिंदू महासभा के नेता वीर सावरकर यद्यपि उस समय कुछ अस्वस्थ थे, परंतु उसके उपरांत भी वह इस ऐतिहासिक समारोह में उपस्थित हुए थे। वह देश के पहले […]

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चीर विजय की कामना ही राष्ट्र का आधार है !!

चीर विजय की कामना ही राष्ट्र का आधार है !!

जीवन का हर काम वस्तुतः एक युद्धक्षेत्र ही है। पढ़ना हो या पढ़ाना; व्यापार हो या नौकरी; खेती हो या उद्योग का संचालन। सफल होने के लिए मन में विजय प्राप्ति की प्रबल कामना होना आवश्यक है। अन्यथा पर्याप्त साधन और अनुकूल वातावरण होने पर भी सफलता पास आते-आते दूर चली जाती है। इस बारे […]

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राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान

राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान

बलिदान Posted On February 10, 2016 by &filed underलेख, साहित्‍य. ‘जय-पराजय का चक्र’ कुछ विजयें ऐसी होती हैं कि उनके कारण किसी  व्यक्ति या किसी राजा का विशेष नाम हो जाता है। जैसे अशोक की ‘कलिंग विजय’। इसी प्रकार कोई पराजय भी ऐसी होती है कि उसके कारण किसी व्यक्ति या किसी राजा की विशेष चर्चा होती है। […]

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मंगलकर्ता और विघ्नहर्ता हैं हनुमान जी 

मंगलकर्ता और विघ्नहर्ता हैं हनुमान जी 

भगवान हनुमानजी को हिन्दू देवताआंे में सबसे शक्तिशाली माना गया है, वे रामायण जैसे महाग्रंथ के सह पात्र थे। वे भगवान शिव के ग्यारवंे रूद्र अवतार थे जो श्रीराम की सेवा करने और उनका साथ देने त्रेता युग में अवतरित हुए थे। उनको बजरंग बलि, मारुतिनंदन, पवनपुत्र, केशरीनंदन आदि अनेकों नामों से पुकारा जाता है। […]

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तीन तलाक आखिर है क्या.?

तीन तलाक आखिर है क्या.?

*तीन तलाक*की वो हकीकत, जिसे मुसलमान भी ठीक से नहीं जानते..!* मीडिया खासकर इलैक्टॉनिक्स मीडिया तो बिल्कुल नही जानता,और जिन मोलवियों को बुलाता है वो भी नही जानते,यूं तो तलाक़ कोई अच्छी चीज़ नहीं है और सभी लोग इसको ना पसंद करते हैं। इस्लाम में भी यह एक बुरी बात समझी जाती है, लेकिन इसका […]

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मुगल वंश से पहले ही हो गया था कश्मीर का पीड़ादायक धर्मांतरण

मुगल वंश से पहले ही हो गया था कश्मीर का पीड़ादायक धर्मांतरण

मुल्ला मौलवी हो गये थे जैनुल के विरोधी राजा जैनुल और श्रीभट्ट की समादरणीय जोड़ी जब कश्मीर में दो विपरीत दिशाओं में बहती सरिताओं-हिंदुत्व और इस्लाम को एक दिशा देने का अदभुत और प्रशंसनीय कार्य कर रही थी, तभी कहीं ‘शैतान’ उन अनोखे और प्रशंसनीय कार्यों को नष्ट करने के लिए उनकी जड़ों में मट्ठा […]

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धर्माधारित आतंकवाद 

धर्माधारित आतंकवाद 

यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि अनेक अवसरों पर आतंकवादियों के समर्थन में बुद्धिजीवी व कट्टर मुसलमानो के अतिरिक्त ढोगी धर्मनिरपेक्षता वादी और जयचंदी हिन्दुओं की सहभागिता होने से आतंक की जड़ पर प्रहार नहीं हो पाता । इन विपरीत परिस्थितियों के कारण हमारा समाज व राष्ट्र जिहादियों के अनेक षडयंत्रो से घिरता जा […]

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शासक 

शासक 

गुरुरात्मवतां शास्ता शास्ता राजा दुरात्मनाम् । अथा प्रच्छन्नपापानां शास्ता वैवस्वतो यमः ॥  आत्मवान् लोगों का शासन गुरु करते हैं; दृष्टों का शासन राजा करता है; और गुप्तरुप से पापाचरण करनेवालों का शासन यम करता है (अर्थात् अनुशासन तो अनिवार्य हि है) ।

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​ क्या योगियों की समाधि पूजन और दरगाह भक्ति एक समान है ?

​ क्या योगियों की समाधि पूजन और दरगाह भक्ति एक समान है ?

देखिए, दरगाह पूजन और समाधि पूजन समान नहीं है। कैसे ? इसके लिए हमें सनातन की संन्यास परंपरा और इस्लाम में फकीर की अवस्था समझने की आवश्यकता है। देखिए, इस्लाम कोई धर्म नहीं है,अपितु, एक युद्धोन्मत्त (war monger) संप्रदाय है इसका आध्यात्मिक पथ जो सूफी कहलाता है भारत में विशेषतः नाथ संप्रदाय का चोरी का […]

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 संघ का षडयंत्र फलीभूत

 संघ का षडयंत्र फलीभूत

संघ का षडयंत्र फलीभूत …………………… खतरे में है # हिंदू …………….. भाजपा राज की # अराजकता मुसलमानों के पक्ष में जा रही है . जो भी प्रशासन से # असंतुष्ट होता है मुसलमान होने की # धमकी देता है . पहले तो यह धमकी दलित ही देते थे अब # ठाकुर भी देने लगे हैं […]

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माया जाल और भगवान की महिमा !

माया जाल और भगवान की महिमा !

माया जाल ,,,,,,,,,,, पुरानी कथा है। एक खोजी ने विष्णु को खोजते—खोजते एक दिन पा लिया। चरण पकड़ लिए। बड़ा आह्लादित था, आनंदित था। जो चाहिए था, मिल गया था। खूब—खूब धन्यवाद दिए विष्णु को और कहा कि बस एक बात और: मुझसे कुछ थोड़ा सा काम करा लें, कुछ सेवा करा लें। आपने इतना […]

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